नया IndexBox रिपोर्ट दिखाता है कि पुनर्नवीनीकृत प्लास्टिक का वैश्विक बाजार 2035 तक वार्षिक 7.2% की दर से बढ़ेगा। क्या यह...
1) नियमन – अनिवार्य न्यूनतम पुनर्नवीनीकरण सामग्री (EU सिंगल-यूज़ प्लास्टिक निर्देश, अमेरिकी राज्य कानून)
2) कॉरपोरेट प्रतिबद्धताएँ – EPR योजनाएँ और बड़े ब्रांडों के ESG लक्ष्य (कोका-कोला, यूनिलीवर, P&G...)
3) अर्थव्यवस्था – कच्चे तेल से जुड़ी कच्चे प्लास्टिक की कीमतों की अस्थिरता पुनर्नवीनीकरण सामग्री की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाती है
4) प्रौद्योगिकी – वर्गीकरण, धुलाई और रासायनिक पुनर्नवीनीकरण में प्रगति आउटपुट की गुणवत्ता बढ़ाती है
सबसे बड़ा मांग हिस्सा पैकेजिंग उद्योग का है (45 %), इसके बाद निर्माण उद्योग (20 %), ऑटोमोबाइल उद्योग (12 %) और वस्त्र (10 %).
क्षेत्रीय रूप से एशिया-प्रशांत (40 %) प्रमुख है, यूरोप सबसे नियामक रूप से विकसित बाजार है (25 %), उत्तर अमेरिका (22 %) बढ़ रहा है, लेकिन बिखरी हुई विधायी स्थिति का सामना कर रहा है।
उच्च गुणवत्ता वाली इनपुट कच्ची सामग्री की कमी अधिकांश कंपनियों के लिए मुख्य जोखिम माना जाता है। दूषित कचरा प्रवाह और अपर्याप्त संग्रह बुनियादी ढांचा वृद्धि की एक और संभावित प्रमुख बाधा बनी हुई है।
निष्कर्ष:
रीसाइकल्ड प्लास्टिक पर्यावरणीय निच से मुख्यधारा के औद्योगिक कच्चे माल में बदल रहे हैं और नियम अतिरिक्त मांग पैदा कर रहे हैं। सवाल यह नहीं है कि क्या, बल्कि यह है कि बाजार कितनी जल्दी अनुकूलित होगा।
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