ब्रिटिश क्लाइमेट चेंज कमेटी (CCC) ने एक विश्लेषण प्रकाशित किया, जिसमें कहा गया है कि नेट-ज़ीरो हासिल करने की लागत कम है n...
नेट-ज़ीरो हासिल करने के लिए लगभग 4 बिलियन पाउंड अतिरिक्त खर्च सालाना 2050 तक चाहिए। तुलना के लिए — रूसी आक्रमण के बाद यूक्रेन में हुई अंतिम ऊर्जा संकट ने ब्रिटेन को चार वर्षों में 183 बिलियन पाउंड खर्च करवाए।
CCC ने ऐसी स्थिति का मॉडल बनाया, जिसमें 2040 में 2022 के समान मूल्य शॉक आएगा। डिकार्बोनाइज़ेशन के बिना घरों के औसत ऊर्जा बिल 59% बढ़ जाते। नेट-ज़ीरो की ओर जाते हुए यह केवल 4% बढ़ेगा।
नेट-ज़ीरो में परिवर्तन के लाभ प्रत्येक निवेशित पाउंड पर 2.2 से 4.1 गुना लागत से अधिक होते हैं।
सबसे बड़ा आर्थिक लाभ जलवायु क्षति से बचना है — जिसका अनुमान 2050 में 40 से 130 बिलियन पाउंड है। नेट-ज़ीरो प्रणाली में ऊर्जा हानि वार्षिक लगभग 30 बिलियन पाउंड तक घट जाएगी, जबकि वर्तमान में लगभग 60 बिलियन पाउंड है।
रिपोर्ट ईरान के साथ संघर्ष के बाद तेल और गैस की बढ़ती कीमतों के संदर्भ में आती है, जहाँ कुछ राजनेता डिकार्बोनाइज़ेशन को धीमा करने की मांग कर रहे हैं। CCC इसके विपरीत तर्क देता है — जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता आर्थिक असुरक्षा का मुख्य स्रोत है।
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